गीता अध्याय ll 18 ll, श्लोक ll 76 ll अप्रैल 20, 2021 गीता अध्याय ll 18 llश्लोक ll 76 llराजन्संस्मृत्य संस्मृत्य संवादमिममद्भुतम्। केशवार्जुनयोः पुण्यं हृष्यामि च मुहुर्मुहुः॥ हिंदी अनुवाद हे राजन! भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के इस रहस्ययुक्त, कल्याणकारक और अद्भुत संवाद को पुनः-पुनः स्मरण करके मैं बार-बार हर्षित हो रहा हूँ ॥ शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेबल अध्याय श्रीमद्भगवद्गीता श्लोक शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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