गीता अध्याय ll 18 ll, श्लोक ll 64 ll अप्रैल 14, 2021 गीता अध्याय ll 18 llश्लोक ll 64 llसर्वगुह्यतमं भूतः श्रृणु मे परमं वचः। इष्टोऽसि मे दृढमिति ततो वक्ष्यामि ते हितम्॥ हिंदी अनुवाद संपूर्ण गोपनीयों से अति गोपनीय मेरे परम रहस्ययुक्त वचन को तू फिर भी सुन। तू मेरा अतिशय प्रिय है, इससे यह परम हितकारक वचन मैं तुझसे कहूँगा ॥ शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेबल अध्याय श्रीमद्भगवद्गीता श्लोक शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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