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गीता अध्याय ll 17 ll, श्लोक ll 10 ll

गीता अध्याय ll17 ll

श्लोक ll10 ll

यातयामं गतरसं पूति पर्युषितं च यत्‌।
उच्छिष्टमपि चामेध्यं भोजनं तामसप्रियम्‌॥

हिंदी अनुवाद

जो भोजन अधपका, रसरहित, दुर्गन्धयुक्त, बासी और उच्छिष्ट है तथा जो अपवित्र भी है, वह भोजन तामस पुरुष को प्रिय होता है ||

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