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गीता प्रथम अध्याय श्लोक ll 35 ll

गीता प्रथम अध्याय 

श्लोक ll 35 ll

यज्ज्ञात्वा न पुनर्मोहमेवं यास्यसि पाण्डव।
 येन भुतान्यशेषेण द्रक्ष्यस्यात्मन्यथो मयि॥

हिंदी अनुवाद 

जिसको जानकर फिर तू इस प्रकार मोह को नहीं प्राप्त होगा तथा हे अर्जुन! जिस ज्ञान द्वारा तू सम्पूर्ण भूतों को निःशेषभाव से पहले अपने में (गीता अध्याय 6 श्लोक 29 में देखना चाहिए।) और पीछे मुझ सच्चिदानन्दघन परमात्मा में देखेगा। (गीता अध्याय 6 श्लोक 30 में देखना चाहिए।) ll

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