गीता प्रथम अध्याय, श्लोक ll 31 ll जुलाई 16, 2020 गीता प्रथम अध्याय श्लोक ll 31 llनिमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव। न च श्रेयोऽनुपश्यामि हत्वा स्वजनमाहवे॥हिंदी अनुवाद ~~~~~~~~~~~ केशव! मैं लक्षणों को भी विपरीत ही देख रहा हूँ तथा युद्ध में स्वजन-समुदाय को मारकर कल्याण भी नहीं देखता ll शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप लेबल निमित्तानि च पश्यामि विपरीतानि केशव..... शेयर करें लिंक पाएं Facebook X Pinterest ईमेल दूसरे ऐप टिप्पणियाँ
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