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गीता एकादश अध्याय, श्लोक ll1 ll

गीता एकादश अध्याय 

श्लोक ll

( विश्वरूप के दर्शन हेतु अर्जुन की प्रार्थना )
अर्जुन उवाच
मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसञ्ज्ञितम्‌।
यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम॥

हिंदी अनुवाद 

अर्जुन बोले- मुझ पर अनुग्रह करने के लिए आपने जो परम गोपनीय अध्यात्म विषयक वचन अर्थात उपदेश कहा, उससे मेरा यह अज्ञान नष्ट हो गया है ॥

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